चिकित्सक : एक फरिश्ता
रात के करीब 2 बजे थे। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ था, सिर्फ एम्बुलेंस की सायरन की आवाज गूंज रही थी। एम्बुलेंस अस्पताल की ओर तेजी से बढ़ रही थी, जिसमें 40 साल की महिला, सीमा को गंभीर हालत में लाया जा रहा था। उसकी हालत नाजुक थी, और समय के साथ उसकी सांसें भी कमजोर होती जा रही थीं।
डॉ. राजीव, अस्पताल के सबसे अनुभवी और जाने-माने सर्जन, उस समय आपातकालीन ड्यूटी पर थे। जब नर्स ने सीमा की हालत के बारे में उन्हें बताया, तो वे तुरंत एक्शन में आ गए। डॉ. राजीव के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही थीं, लेकिन उनके अनुभव ने उन्हें हर परिस्थिति में शांत रहना सिखा दिया था।
सीमा के परिवार वाले अस्पताल के बाहर बेचैन होकर टहल रहे थे। उसकी बेटी रोशनी, जो सिर्फ 10 साल की थी, अपने पिता के गले लगकर रो रही थी। सीमा के पति, रवि की आंखों में चिंता और डर साफ झलक रहा था, लेकिन अंदर एक उम्मीद भी थी कि डॉ. राजीव जैसे कुशल डॉक्टर उनकी पत्नी को बचा लेंगे।
डॉ. राजीव ने तुरंत सीमा को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया और बिना वक्त गंवाए सर्जरी शुरू कर दी। ऑपरेशन काफी जटिल था, लेकिन डॉ. राजीव को अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा था। उनके हाथों की हर हरकत सटीक और नियंत्रित थी। टीम के अन्य सदस्य भी उनकी इस समर्पण भावना से प्रेरित होकर पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे थे।
करीब तीन घंटे बाद, ऑपरेशन थिएटर का दरवाजा खुला। डॉ. राजीव थके हुए नजर आ रहे थे, लेकिन उनके चेहरे पर एक संतोषजनक मुस्कान थी। उन्होंने रवि की तरफ देखा और कहा, "ऑपरेशन सफल रहा है। अब आपकी पत्नी खतरे से बाहर है।"
यह सुनते ही रवि की आंखों से आंसू छलक पड़े। वह तुरंत डॉक्टर के पास जाकर उनके पैर छूने लगा। लेकिन डॉ. राजीव ने उसे रोका और कहा, "यह हमारा कर्तव्य है। आप बस उन्हें प्यार और समर्थन दीजिए, बाकी काम हम करेंगे।"
रोशनी ने अपनी छोटी-छोटी आंखों में आंसू भरे हुए डॉक्टर को देखा और मासूमियत से कहा, "आप भगवान हैं। आपने मेरी माँ को बचा लिया।"
डॉ. राजीव ने उसकी ओर देखा और उसे प्यार से सिर पर हाथ फेरते हुए कहा, "नहीं, बेटा। हम सिर्फ अपनी कोशिश करते हैं, असली भगवान ऊपर वाले हैं।"
अस्पताल में सीमा को कुछ दिन और रहना था, लेकिन अब उसकी तबीयत धीरे-धीरे ठीक हो रही थी। इस पूरे अनुभव ने रवि और उसके परिवार को यह समझा दिया कि डॉक्टर सिर्फ पेशेवर नहीं होते, बल्कि वे जीवन के असली नायक होते हैं, जो दिन-रात हमारे स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा में लगे रहते हैं।
डॉ. राजीव जैसे समर्पित डॉक्टर न केवल अपनी मेहनत और कौशल से मरीजों को नया जीवन देते हैं, बल्कि परिवारों को आशा और विश्वास भी लौटाते हैं। वे सही मायने में हमारे जीवन के फरिश्ते होते हैं, जो हमें हर कठिनाई से निकालकर सुरक्षित और स्वस्थ जीवन की ओर ले जाते हैं।